मत रो , तू मुस्कुरा
यह जिन्दगी ले रही है तेरा इम्तिहान
दिन वह भी आऎगा,
तू जीत का परचम लहराऎगा,
राहें मुश्किल जरूर है,
पर मत बन तू अधीरा ,
मत रो , तू मुस्कुरा..........
विश्वास रख स्वयं पर,
मत मन की उड़ानों के पर कतर,
तेरे माथे का तिलक भी,
बनेगा कभी तो यह अबीरा,
मत रो , तू मुस्कुरा..........
रात अंधियाली काली आज है,
पर कल पर चला किसका राज है,
कर्म कर, मत सोच क्या मिला,
कल कदमों तले होगी तेरे यह धरा,
मत रो , तू मुस्कुरा..........
-देवेश कुमार सिंह
Thursday, January 18, 2007
Monday, January 08, 2007
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